Nazar Written Update 11 December 2019 In Hindi

Nazar Written Update 11 December 2019 Today Episode में आप सब देखेंगे कि कैसे पिया जब अलमारी की सफाई कर रही होती है तभी वहां पर परी की जूते दिखाई देते हैं पिया उसे देखकर इमोशनल हो जाती है और पुरानी बातें याद करने लगती है तभी वहां पर अंश आ जाता है और पिया से पूछता है कि आखिर क्या हुआ है पिया अंश को बता दी है कि यह परी के शूज है मैं उसके लिए लेकर आई थी और जब मैं इन जूतों को परी को पहना रही थी तब मुझे पहली बार पता लगा था कि परी के पैर उल्टे हैं कुछ टाइम के बाद सारे घर वाले अपने अपने कमरे में सो रहे होते हैं अंश भी प्रिया को सब सुला रहा होता है इतनी देर में घर में बहुत सारे सांप आ जाते हैं शर्फफिका लिफ्ट से होकर अंशु के घर पर जब आ रही होती है तभी राज लिफ्ट में दो इंसान आ जाते हैं और लड़का और लड़की वह दोनों एक दूसरे से हंसी मजाक कर रहे होते हैं तब इस अल्पाइन अपने शर्फ रूप में आ जाती है वह दोनों शर्फफिका को देख कर डर जाते हैं शर्फफिका उन्हें जाने के लिए कह देती है वह सुरक्षित वहां से चले जाते हैं सरपंच अंश के घर पर आती है और अंदर चली जाती है अंश लिफ्ट की आवाज सुन लेता है और कहता है कि जिन लिफ्ट में अभी कौन आया है अंश जैसे नीचे देखने के लिए आता है और लिफ्ट को बंद होता हुआ देख लेता है और कहता है कि आकर घर में कौन आया है लिफ्ट तो अभी खाली है।

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अंश जैसे ही पीछे पलट कर देखता है तभी वहां पर काफी सारे शर्फ नीचे उतरकर आ रहे होते हैं अंश उन सब को देख कर चौक जाता है सारे जहां पर अंश के आगे आकर खड़े हो जाते हैं और अपने इंसानी रूप में आ जाते हैं शर्फफिका अंश से मोहना के बारे में पूछने लगती है अंश से मना कर देता है कि मुझे मोहना के बारे में कुछ भी नहीं पता है लेकिन शर्फ एक भी बार अंश पर भरोसा नहीं करते और उस पर अटैक कर देते हैं तभी वहां पर सारे घर वाले आते हैं और काफी ज्यादा शर्फ को देख लेते हैं और वह डर जाते हैं और कहते हैं कि हमें जल्दी ही कुछ करना होगा तभी वहां पर सांपों के लिए तीन चार हथियार रखे होते हैं उन हत्यारों को लेकर बाहर आ जाते हैं अंश जब ओसिया पुणे गिरी लिया होता है वहां पर सारे परिवार वालों उनसे आप पर उसी हथियारों को रख देते हैं जिससे करंट की वजह से शर्फ नहीं मिल पाते।

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इतनी देर में एक शर्फ अंश को पूरी तरह से जकड़ लेता है अंश उसे छुड़ाने की कोशिश करता है लेकिन इतनी देर में पिया नींद से जाग जाती है और कहती है कि आखिर किस चीज की आवाज आ रही है पिया नीचे आ जाती है और अंश को इस हालत में देख लेती है अंश को बचाने के लिए अपने दैविक चाकू का इस्तेमाल करती है और उससे आप को खत्म कर देती है शर्फफिका अंश से कहती है कि तुम्हें क्या लगता है कि तुम हमसे जीत सकते हो तभी वहां पर एक छापा जाता है और चेताली के पीछे आकर खड़ा हो जाता है सारे घर वाले चेताली को मोड़ने के लिए कह देती हैं चेताली जैसे मूर्ति है तभी वह शाम को देखकर डर जाती है और अपने हाथों से हत्यार को नीचे फेंक देती है सर पाए हथियार को अपने हाथों में ले लेती है और अंश को उस हथियार से पकड़ लेती है और अंश से पूछती है कि अब तुम मुझे बताओगे कि आखिर मोहना कहां है अंश मना करता है कि मैंने पहले भी बताया कि मोहना के बारे में हम कोई भी नहीं जानते हैं हम तो खुद तो आपका पीछा कर रहे थे ताकि हमें मोहना मिल सके वह हमारी भी दुश्मन है यही कहती है कि अंश ठीक कह रहा है वह गलत नहीं कह रहा है।

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शर्फफिका पिया से कहती है कि तुमने भी इसके साथ रहकर झूठ बोलना ही सीख लिया है तुम वैसे एक देवी को पिया कहती है कि मैं झूठ नहीं बोल रही हूं मोहना को तो हम खुद ही ढूंढ रहे हैं थोड़ी देर के बाद वहां पर मोहना आ जाती हवा में उड़ते हुए कहती है कि मुझे याद रखना होगा कि मेरे पैर किसी चीज पर ना पड़े लेकिन मुझे ऐसे ही अंदर जाने की क्या जरूरत है मैं तो हवा में उड़ सकती हूं मोहना हवा के जरिए ऊपर चली जाती है अंश के घर की बालकनी में आकर खड़ी हो जाती है और वहां पर शर्फफिका को देख लेती है और वह चौक जाती है और कहती है कि मुझे संभल कर रहना होगा इतनी देर वहां पर गमला रखा रहता है वह नीचे गिरने वाला होता है मोहना उसे अभी चोटी की मदद से पकड़ लेती है और उसे उसी जगह पर रख देती है और वहां से अंदर चली जाती है वेदश्री उसे अंदर आते हुए देख लेती है और वह पीछे की तरफ आकर परी के कमरे में चली जाती है और परी को देखकर रोने लगती है तभी वहां पर मोहना आ जाती है मोहना को वहां पर देखकर वेद श्री चौक जाती है।

वेदश्री मोहना से कहती है कि तुमने हमारे परिवार के साथ बहुत ही अदब बुरा किया है और तुम क्या चाहती हो यहां लेने के लिए क्या आई हो मोहना कहती है कि मैं यहां पर परी को लेने के लिए आई हूं अपनी पोती को दीदी श्री मोहना से कहती है कि तुमने आज तक अपनी मां होने का फर्ज नहीं निभाया तो तुम किस हाथ से परियों को अपनी पोती कहती हो मोहना जैसा ही बेदी श्री के हाथों में अपनी दी हुई रिंग देखती है तभी वह शिरीन को कुछ ना लेती है और कहती है कि तुम इसे रिंग के लायक ही नहीं हूं मैंने तुम सब पर इतना भरोसा किया था मैं यह सोच रही थी कि मैं अपनी खुशियों में तुम सबको शामिल करूं लेकिन तुम सब ने मुझे मिलकर धोखा दिया है।

शर्फफिका परी को बचाने की कोशिश करते हैं लेकिन मोहना शर्फफिका को धक्का दे देती है जैसे शर्फफिका के सिर में चोट लग जाती है और वह वहीं पर गिर जाती है नील हीम मैं से बर्फ गर्ल रही होती है और उसका पानी बहते हुए बाहर आ जाता है इतनी देर में मोहना परी को लेकर वहां से चली जाती है पिया अंशु को बहते हुए पानी को दिखाती है और कहती है कि नील हीम पिघल रही है तभी उसे गुस्सा आ जाती है और वह शर्फफिका को धक्का देकर अंश परी के कमरे में चला जाता है वहां पर जाकर वेदश्री को गैरों से की हालत में देखता है सभी गैलरी को उठाते हैं पिया अंश से कहती है कि जहां पर परी नहीं है परी कहां पर है तभी पूरा शहर शर्फफिका पर चला जाता है और उसका गला पकड़ कर उससे परी के बारे में पूछती है तभी वह कहती है कि मैं नहीं जानती कि आखिर वह कहां है मैं उसके पीछे क्यों करूंगी और उसे गायब क्यों करूंगी पिया कहती है कि मैं जानती हूं कि तुम नहीं उसे गायब किया है क्योंकि तुम उसके जरिए हमें ब्लैकमेल कर सकूं और मोहना के बारे में पता लगा सकूं।

अंश वहां पर इतनी देर में आता है और उस सर्प आयन का गला पकड़ लेता है और उससे पूछता है कि मेरी बेटी कहां है सर बहन कहती है कि मैं नहीं जानती मैंने कुछ भी नहीं किया है इतनी देर में वेदश्री कोसा जाता है और वह सब को बता दिया है कि परी को कोई और नहीं बल्कि मुंह नहीं लेकर गई है अंश सर अपन को छोड़ देता है शर्फफिका कैसी है कि इसका मतलब तुम्हारी भी दुश्मन होना है तो दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है सारे घर वाले सोचते हैं कि आखिर मोहना को कैसे पकड़ेंगे शर्फफिका कहती है कि हम तो उसके चलने की आहट को सुन लेते हैं इसलिए हम उसका पता लगा पाते हैं लेकिन अब हम उसके चलने की हार नहीं सुन सकते पिया को एक तरीका पता चलता है और वह सबको बताती है कि मुझ पर एक तरीका है जिससे हम मोहना का पता लगा सकते हैं।

दिलरुबा नमन को कमरे में बंद कर इमली के पेड़ की परिक्रमा लगा रही होती है तभी नमन उसे कमरे से देख रहा होता है और कहता है कि यह तो बिल्कुल पागल हो चुकी है मुझे यहां पर बांधकर खुद पता नहीं क्या नौटंकी कर रही है एक बार बस मेरे हाथ भूल जाएं अपने हाथ खोलने की कोशिश करता है और उस रस्सी को दीवार के कोने से उस रस्सी को काट देता है दिलरुबा के सामने चला जाता है दिलरुबा नमन को कुछ बताने की कोशिश करती है लेकिन नमन एक भी नहीं सुनता और उस पर कैसे है कि अब तुम कहीं पर भी नहीं जाओगी दिलरुबा कैसी है कि मुझे जरूरी काम है मुझे यहां से जाना होगा तुम तो मेरी बात सुनने की ही कोशिश नहीं कर रहे हो तभी नमन उसे जाने के लिए मना कर देता है तभी वहां पर दिलरुबा काफी ज्यादा चमगादड़ को बुला लेती है और उसे बंदी बना लेती है नमन को चमका देने और आकर एक पेड़ पर उल्टा टांग देती है नमन उसे पेड़ से छूटने की कोशिश करता है अचानक वह डाली नीचे टूट जाती है और नमन के पीठ पर चोट लग जाती है नमन कहता है कि नमन और सारी बातें निशांत जी को जाकर बता दे।

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