Kasauti Zindagi Ki – Written Update – 18 December 2019

Kasauti Zindagi Ki Written Update 18 december 2019 Episode में आप सब देखेंगे कि कैसी है अनुपम जब उस ट्रक ड्राइवर का पीछा कर रहा होता है तभी वह अनुराग को बताता है कि यह ट्रक ड्राइवर खाली वाली मिलके पास जा रहा है तुम वहीं पर आ जाओ अनुराग कहता है कि ठीक है तुम उनका पीछा करो मैं वहां पर आ रहा हूं अनुपम जब उसका पीछा कर रहा होता है ट्रक ड्राइवर को उस पर शक होने लगता है और वह कहता है कि ऐसा लग रहा है कि कोई मेरा पीछा कर रहा है जैसे ही वह पीछे पलट कर देखता है वहां पर एक गाड़ी होती है जो लगातार उसके पीछे चल रही होती है ड्राइवर कहता है कि मैं अभी देखता हूं कि यह मेरा पीछा कर भी रहा है या नहीं ट्रक ड्राइवर उस गाड़ी को एक गली में मोड़ लेता है अनुपम को उस पर शक हो जाता है और वह अनुराग को बताता है कि ट्रक ड्राइवर ने इस ट्रक को गली के अंदर ले गया है अनुराग कहता है कि फिर भी आप उसका पीछा करिए अनुराग की बातों को सुनकर अनुपम उसका जवाब देता है कि लिखने से गली के अंदर तो आगे कोई रास्ता है ही नहीं यह रास्ता तो ब्लॉक है अनुराग अनुपम से कहता है कि

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मुझे लगता है उसे आप पर शक हो गया है इसलिए आप वहीं पर बाहर खड़े रही है और उससे थोड़ा दूरी बना कर चलिए अनुराग की बात समझ जाता है ट्रक ड्राइवर वहां पर खड़ा होकर उस गाड़ी का वेट कर रहा होता है लेकिन वहां पर गाड़ी नहीं आती तभी वह ट्रक ड्राइवर ट्रक को लेकर वहां से निकलता है और उसी रोड की तरफ चला जाता है अनुपम जब उसका पीछा करता है ट्रक ड्राइवर उस मिल पर पहुंच जाता है। मूलोए जब पंडित जी के सामने बैठे होते हैं पंडित जी मूलोए से कहते हैं कि आप इस काले धागे को बांध लीजिए और आप सब याद रखिए कि कोई घर से बाहर ना निकले क्योंकि राहु काल शुरू हो चुका है अगर कोई घर से बाहर निकलता है तो उसका काम बिगड़ सकता है मूलोए पंडित जी से प्रेरणा के लिए भी धागा मांगते हैं और उन्हें बताते हैं कि आजकल प्रेरणा भी बड़ी मुश्किलों से गुजर रही है आप उसके लिए भी एक काला धागा दे दीजिए मोहिनी यह बात सुनकर हैरान हो जाती है सोनालिका घर से जब बाहर जा रही होती है मोहिनी उसे रोक लेती है और उससे पूछते हैं कि तुम कहां पर जा रही हो सोनालिका कहती है कि

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मैं मम्मी जी अभी आती हूं मोहिनी उसे कहती है कि नहीं तुम बाहर नहीं जा सकती क्योंकि राहु काल शुरू हो चुका है अब कोई भी घर से बाहर नहीं जाएगा सोनालिका कहती है कि मम्मी जी मैं इन बातों पर भरोसा नहीं करती हूं मुझे बाहर जाना बहुत ही ज्यादा जरूरी है इसलिए मुझे यहां से जाना होगा मोहिनी सोनालिका की कहती है कि नहीं मैंने बोल दिया है कि तुम घर से बाहर नहीं जाओगी तो नहीं जाओगी अगर तुम्हें इतना ही जरूरी काम है तू एक काम करती हूं मैं भी तुम्हारे संग चलती हूं सोनालिका डर जाती है और मोहिनी से कहती है कि नहीं कोई बात नहीं मैं नहीं जाती हूं सोनालिका अपने कमरे में चली जाती है और रॉनित को यह सारी बातें बताने लगती है उसे बताती है कि मोहिनी ने मुझे घर से निकलने नहीं दिया है तुम चिंता मत करो मैं मौका पाकर वहां पर आ जाऊंगी मैं एक बात बताती हूं तुम जानते हो कि मैं सबसे ज्यादा नफरत किससे करती हूं रॉनित प्रेरणा का नाम लेता है लेकिन सोनालिका कहती है कि नहीं मैं प्रेरणा से इतनी नफरत नहीं करती हूं जितनी मैं मोहिनी वासु से करती हूं लेकिन मैं यहां से निकल के ही रहूंगी चाहे कुछ भी हो जाए।

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मोहिनी इतनी देर वहां पर आ जाती है और सोनालिका की जाने की बात सुन लेती है मोहिनी सोनालिका के कमरे में आती है सोनालिका उसे देख कर चौक जाती है मोहिनी सोनालिका से कहती है कि मैंने तुम्हारी बातें सुन ली है मैंने तुम्हें इतना समझाया कि तुम घर से बाहर नहीं जा सकती फिर भी तुम जाने की बात कर रही हो सोनालिका कहती है कि नहीं मेरी सहेली को मेरी जरूरत है इसलिए मुझे जाना था मोहिनी कहती है कि ठीक है तो तुम जा सकती हो सोनालिका खुश हो जाती है लेकिन मोहिनी उसे कल जाने के लिए कहती है सोनालिका का फिर से अपसेट हो जाती है मोहिनी सोनालिका से कहती है कि तुम मेरी इज्जत करती हो तो तुम मेरी बात जरुर मानोगी और घर से बाहर नहीं निकलेगी मुझसे वादा करो सोनालिका मोहिनी से वादा कर देती है कि वह घर से नहीं निकलेगी इतना कहकर मूवी नहीं वहां से चली जाती है मोहिनी को जब जाते हुए देखती है तो सोनालिका को और भी ज्यादा गुस्सा आ जाता है शिवानी रॉनित के बारे में जब सोच रही होती है तभी वह कहती है तभी वो रॉनित को फोन लगाती है और उससे कहती है कि तुम एक बात बताओ तुम हॉस्पिटल में क्या कर रहे थे मैं अच्छी तरीके से जानती हूं कि तुम वहां पर प्रेरणा दी को नुकसान पहुंचाने के लिए आए थे रॉनित शिवानी से मना कर देता है कि मैं वहां पर ऐसा कुछ भी करने नहीं गया था हॉस्पिटल में लोग इलाज करवाने के लिए जाते हैं मैं अपने हाथ का इलाज करवाने के लिए गया था वह पूरी तरह से कट गया है शिवानी कहती है कि नहीं मैं अच्छी तरीके से जानती हूं की प्रेरणा दी का जो एक्सीडेंट हुआ था वह तुमने ही करवाया था और मेरी देखो अगर कुछ भी हो जाता है तो मैं तुम्हें छोडूंगी नहीं मैं तुम्हारे खिलाफ पुलिस में कंप्लेंट भी करूंगी।

प्रेरणा इतनी देर वहां पर आ जाती है शिवानी की सारी बातें सुन लेती है शिवानी रॉनित का फोन काट देती है प्रेरणा शिवानी के पास आती है और कहती है शिवानी से कहती है कि इसका मतलब जो भी मेरा एक्सीडेंट हुआ था वह किसी और ने नहीं बल्कि रॉनित नहीं किया था शिवानी कहती है कि हमें उसके लिए पुलिस कंप्लेंट कर देनी चाहिए शिवानी की बातों को सुनकर प्रेरणा जवाब देती है कि नहीं रॉनित के संग कोई और नहीं बल्कि सोनालिका ही शामिल थी मैं अभी उसे बता कर आती हूं शिवानी उससे कहती है कि मैं भी आपके साथ चलती हूं लेकिन प्रेरणा शिवानी से साथ चलने के लिए मना कर देती है और उससे कहती है कि यह मेरी लड़ाई है और इस लड़ाई को मैं खुद लड़ना चाहती हूं ट्रक ड्राइवर मिल पर पहुंचता है तू वहां पर जाकर रोनक को फोन करके उसे इन्फॉर्म कर देता है कि मैं उस जगह पर पहुंच चुका हूं ड्राइवर इतना कहकर वहां से अंदर चला जाता है तभी वहां पर अनुपम अपनी गाड़ी के साथ पहुंच जाता है और अनुराग को फोन करके उससे पूछता है कि आखिर तुम हो कहां अनुराग कहता है कि मैं आपकी गाड़ी के ही पीछे हूं इतनी देर में अनुराग वहां पर पहुंच जाता है अनुपम अनुराग को बताता है कि वह आदमी अभी अंदर गया है हम अंदर चल कर देखते हैं अनुराग कहते हैं कि अगर वह अंदर गया है तो जरूर यहां पर कोई ना कोई उससे मिलने के लिए आया हुआ मैं काम करता हूं मैं अंदर जा कर देखता हूं तुम बाहर रहकर नजर रखो अनुपम बना करता है कि नहीं मैं भी तुम्हारे साथ ही चलूंगा लेकिन अनुराग मना कर देता है साथ चलने के लिए और अंदर अकेले चले जाता है।

अनुराग जब अंदर उस आदमी को ढूंढ रहा होता है तभी वहां पर अनुपम अनुराग के पीछे आकर खड़ा हो जाता है अनुराग उसको मारने वाला होता है लेकिन अनुपम को देख कर चौक जाता है और अनुपम से कहता है कि आप यहां पर क्या कर रहे हैं मैंने आपको बाहर रहने के लिए को बोला था अनुभव कहता है कि नहीं मैं तुम्हें यहां से छोड़कर नहीं जाऊंगा अगर उस आदमी के हाथों में कुछ हथियार हुआ या गन हुई तो तुम करोगे क्या केले इसलिए मैं कहीं नहीं जाऊंगा और मैं तुम्हारे साथ ही रहूंगा अनुपम अनुराग जब आगे बढ़ते हैं तभी वहां पर रॉनित अपनी गाड़ी के साथ पहुंच जाता है और वह उस आदमी को फोन लगाने लगता है अनुराग और अनुपम को गाड़ी की आवाज बाहर से और फोन की आवाज अंदर से आ रही होती है अनुराग अनुपम को बताता है कि गाड़ी लगने की आवाज तो बाहर से आई है और मोबाइल की आवाज अंदर से इसका मतलब यहां पर और भी लोग हैं अनुराग अनुपम को बाहर जाने के लिए बोल देता है और खुद अंदर चला जाता है अनुपम उस आदमी को देखने के लिए बार चला जाता है अनुराग जब अंदर जाता है तभी ड्राइवर वहां पर ही खड़ा रहता है ड्राइवर अनुराग को पहचान लेता है लेकिन वह कुछ भी नहीं करता लेकिन वह बहुत ही अदा डरा हुआ होता है अनुराग कहता है कि मैं इसी प्रेरणा की तस्वीर दिखाऊंगा अगर भागता है तो एक्सीडेंट इसी ने किया है अनुराग उसके पास जाता है और से प्रेरणा की तस्वीर दिखाकर उससे पूछता है कि क्या तुमने इस लड़की को देखा है मैं ढूंढ रहा हूं ड्राइवर डर जाता है और वहां से भागने लगता है अनुराग उसे पकड़कर मारने लगता है और उससे पूछता है कि आखिर तुम प्रेरणा को क्यों मारना चाहते थे।

ट्रक ड्राइवर अनुराग से कहता है कि मैं नहीं जानता कि आप किस एक्सीडेंट की बात कर रहे हैं अनुराग से और भी ज्यादा मारने लगता है और उससे पूछते हैं कि आखिर तुम यह बताओ कि तुम्हें किसने बोला था प्रेरणा का एक्सीडेंट करने के लिए तेरे साथ कौन-कौन लोग मिले हुए हैं ट्रक ड्राइवर कुछ भी जवाब देने से मना कर देता है तभी वहां पर रॉनित पहुंच जाता है अनुराग को उस आदमी को मारते हुए देख लेता है रॉनित पहले तो डर कर पीछे हट जाता है लेकिन उसे याद आता है कि अनुराग की तो याददाश्त जा चुकी है और वह मुझे पहचान नहीं पाएगा मैं इसकी हेल्प कर देता हूं अनुपम इतनी देर में वहां पर आ जाता है रॉनित उसे देखकर वहीं पर छुप जाता है लेकिन रॉनित वहां पर उसे छुपता हुआ देख लेता है और उसे ढूंढने के लिए आगे बढ़ता है लेकिन रॉनित वहां पर मौका पाकर भाग जाता है प्रेरणा गुस्से में सोनालिका के घर पहुंचती है और सोनालिका आवाज लगाने लगती है मोहिनी इतनी देर में वहां पर आती है और प्रेरणा को रोकने की कोशिश करती है उन्हें बिना जवाब दिए सोनालिका के कमरे में चली जाती है और दरवाजे लगा लेती है मोहिनी वहां पर अपनी सर्वेंट को बुलाने की कोशिश करती है और कहती है कि कहीं ऐसा ना हो प्रेरणा और अनुराग के बारे में सोनालिका को सब कुछ बता दे प्रेरणा सोनालिका के पास जाती है और उसे जोरदार थप्पड़ मार देती है और उससे कहती है कि तुमने मुझे मारने की कोशिश कितनी बार की है मैं उन गलतियों को माफ तो कर सकती हूं लेकिन तुमने अब मेरे बच्चों को मारने की कोशिश की है यह मैं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करूंगी सोनालिका यह सब सुनकर चौक जाती है।

प्रेरणा सोनालिका से कहती है कि मैं अच्छी तरीके से जानती हूं कि तुम ने ही मेरा एक्सीडेंट करवाया था क्योंकि उस टाइम मैंने तुम्हें एक्सीडेंट वाली जगह पर देखा था और तुम नरसी के भेष में मेरे बच्चे को खत्म करने के लिए भी हवा हॉस्पिटल में आई थी यह बात सुनकर सोनालिका चौक जाती है प्रेरणा वहां पर रखिए चाकू से सोनालिका की गर्दन पर रख देती है और उसे धमकी देती है कि अगर तुमने मेरे बच्चे को कुछ भी करने की कोशिश की तो मैं सब कुछ भूल जाऊंगी और तुम्हें मारने में जरा भी देर नहीं करूंगी तुमने अभी एक मां के गुस्से को नहीं देखा है सोनालिका प्रेरणा से कहती है कि यह चाकू मुझे लग जाएगा चाकू को नीचे करो प्रेरणा कहती है कि चाकू अगर तुम्हें लग भी जाता है तो कोई बात नहीं मुझे जरा भी अफसोस नहीं होगा और अगर तुमने दोबारा मेरे बच्चे को मारने की कोशिश की तो मैं चाकू तुम्हारी गर्दन पर चला दूंगी और यकीन मानो मेरा कि मुझे इस बात का बिल्कुल पछतावा नहीं होगा कि मैंने तुम्हें मार दिया इस बात को सुनकर सोनालिका चौक जाती है मोहिनी इतनी देर में दरवाजे पर आ जाती है और सोनालिका से पूछती है कि सोनालिका तुम ठीक तो हो प्रेरणा इतनी देर में चाकू को हटा लेती है और सोनालिका से कहती है कि जाओ और जाकर दरवाजा खोलो और काकी मां को सामने सब कुछ बताओ कि तुमने मेरे बच्चों को मारने की कोशिश की है।

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