Kasauti Zindagi Ki – Written Update – 11 December 2019

Kasauti Zindagi Ki Written Update 11 december 2019 Episode में आप सब देखेंगे कि कैसे कामोलिका जो चार प्रेरणा के ऊपर चलती है और उसके ऊपर पैसों की चोरी होने का इल्जाम लगा देती है सारे घर वाले ना कोई गलत समझने लगते हैं और उस पर इल्जाम लगा देते हैं लेकिन अनुराग प्रेरणा का साथ देता है सबका सोनालिका प्रेरणा के घर की तलाशी लेने के लिए बोल देती है जैसे ही पुलिस वाले प्रेरणा के घर की तलाशी लेते हैं लेकिन वहां पर उन्हें एक बैग तू मिलता है लेकिन उसमें पैसे नहीं होते बल्कि कपड़े ही होते हैं अनुराग सोनालिका से सब से माफी मांगने के लिए कह देता है सोनालिका गुस्से में आ जाती है लेकिन वह सारे घर वालों से माफी मांग लेती है और वहां से जा रही होती है प्रेरणा सोनालिका को रोकती है और अनुराग को बताते हैं कि मैंने घरवालों से कहा था कि वह पैसे वहीं पर ही रखे होंगे तुम्हारे स्टडी रूम में लेकिन मेरी बात किसी ने नहीं सुनी इसलिए मैं चाहती हूं कि स्टडी रूम कि तुम एक बार पुलिस से कह कर तलाशी करवाओ।

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अनुराग प्रेरणा की बात मान जाता है और पुलिस वालों से अपने घर की तलाशी लेने के लिए बोल देता और पुलिस वाले और प्रेरणा वहां से अनुराग के घर के लिए निकल जाते हैं अनुराग के पिता जैसे ही घर पर पहुंचते हैं तभी वह मोहिनी पर निवेदिता पर चिल्लाना शुरू कर देते हैं कि तुम दोनों पर इतनी बड़ी गलती कैसे हो सकती हो तुम दोनों प्रेरणा पर कैसे हैं जाम लगा सकती हो अनुराग के पिता निवेदिता को डांटने लगते हैं और कहते हैं कि तुम भी बिल्कुल अपनी मां की तरह ही होती जा रही हो तुमने भी सोचने समझने की शक्ति आंखों दी है तुम ऐसे कैसे प्रेरणा पर इल्जाम लगा सकती हो अनुपम ने मुझे फोन किया और सारी स्थिति के बारे में बताया लेकिन यह काम तुम्हें करना चाहिए था मुझे फोन करके सारी स्थिति के बारे में बताना चाहिए था प्रेरणा पर तुम सबको ऐसे इल्जाम नहीं लगाना चाहिए तक सिर्फ कुछ पैसों की बात ही तुम मुझे बताते तो मैं पैसों का अरेंजमेंट कर देता प्रेन्ना के ऊपर इल्जाम लगाकर तुम दोनों ने अच्छा नहीं किया।

इतनी देर में दरवाजे की घंटी बन जाती है मोहिनी अनुराग के पिता से कहती है कि 1 मिनट रुक जाओ जो भी तुमने कहा है उसके सारे सवालों का जवाब अब तुम खुद अपनी आंखों से ही देखोगे कि आखिर फ्रेंड के घर पर जब पुलिस वाले गए थे तो उसके घर में पैसे या मिले या नहीं मैं जानती हूं कि वहां पर पैसे जरूर मिले होंगे अब तुम अपनी आंखों से ही देख लेना मोहिनी दरवाजे को खोलती है वहां पर सोनालिका और मोहिनी अनुराग से पूछती है कि आखिर हुआ क्या है लेकिन अनुराग अपने पिता को देखता है और उनके पास चला जाता है तभी वहां पर पुलिस वाले प्रेरणा और शिवानी के साथ वहां पर आ जाते हैं मोहिनी उन्हें देख कर चौक जाती है तभी पुलिस वाले बताते हैं कि हमने प्रेरणा जी के घर की तलाशी ली है लेकिन वहां पर हमें पैसे नहीं मिले हैं अनुराग पुलिस वालों से कहते हैं कि तुम जाकर में हमारे स्टडी रूम की तलाशी ले सकते हैं पुलिस वाले स्टडी रूम में तलाशी लेने के लिए सब चले जाते हैं मोहिनी यह सब देख कर चौक जाती है।

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सोनालिका दरवाजे पर खड़ी होकर जी सोच रही होती है कि आखिर यह कैसे हो सकता है कहीं ऐसा तो नहीं पैसों की वाकई में चोरी हो गई है प्रेरणा सोनालिका को देख कर मुस्कुराने लगती है शिवानी उन दोनों को देखती है तभी वह कहती है कि मैं जानती हूं कि दीजिए सब कुछ आप ने ही किया है आपने ही सोनालिका पर उल्टा बार किया है आप उसके राधे पहले ही समझ गई थी शिवानी इतना सोच कर वहां से चली जाती है प्रेरणा सोनालिका से कहती है कि मैं अच्छी तरीके से जानती थी कि तुम कुछ ना कुछ करने ही वाली हो जब मैं यहां पर सुबह आई थी तो पैसों की बात हो रही थी तुमने कहा था कि तुम्हारे पास चाबी नहीं है अनुराग ने बताया कि वह चाबी मेरे पास है तो पैसे मैं ही रखने के लिए कमरे में जाऊंगी और तुम मेरे साथ गई थी तब मैं समझ गई थी कि कुछ ना कुछ गड़बड़ जरूर है और मैंने तुम्हें जब अपनी चाबी दी थी तो तुमने साबुन पर उसकी छाप निकाली थी तो मैंने तुम्हें छाप निकालते हुए देख लिया था इसलिए तो मैंने मौका पाकर उस बैग को बदल दिया और उस बैग में कुछ कपड़े रख दिए मैं जानती थी कि तुम्हारे पास इतना वक्त नहीं होगा कि तुम उस बैग को खोलकर देखोगी और वही और तुमने वह खुलकर नहीं देखा मैंने तो तुमसे कितनी बार कहा कि वह वहीं पर ही होगा लेकिन तुम ही उत्सुकता के मारे मेरी एक भी बात नहीं सुन रही थी।

इतना बड़ा तुमने ड्रामा किया है अब उतनी ही बड़ी तुम्हें इंसल्ट फील होगी अनुराग के पिता वहां पर सोनालिका को बुलाते हैं अनुराग के वहां पर प्रेरणा को देते हैं और प्रेरणा से माफी मांगते हैं कि जो भी हुआ उसके लिए तुम मुझे माफ कर देना प्रेरणा उनसे कह दे कि आपको माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है काका बाबू मेरा अनुराग ने काफी ज्यादा साथ दिया था इतनी देर वहां पर पुलिस वाले को लेकर आ जाते हैं तभी वह सब को खोलकर दिखाते हो और उसमें पैसे होते हैं सारे घर वाले यह सब देख कर चौक जाते हैं तभी निवेदिता सारे घर वालों को बता दिया है कि मैंने आपसे झूठ बोला था कि मैं कमरे में पैसे देकर आई थी लेकिन मैं पैसे देखकर ही नहीं आई मैंने तो सोनालिका की बातों पर ही भरोसा किया था सोनालिका ने जब कहा था कि पैसे प्रियंका ने ही चुराई हैं हम सब ने उसकी बातों पर यकीन कर लिया अनुराग के पिता उसे चुप रहने के लिए कह देते हैं और सोनालिका से कहते हैं कि सोनालिका जो तुमने गलती की है तुम इससे कुछ समझ पाई हो या नहीं सोनालिका कैसी है कि हां मैं समझ गई हूं कि जो गलती मेरे से अब हो गई है वह आज के बाद नहीं होनी चाहिए अनुराग कहता है कि पापा तुमसे यह कहने की कोशिश नहीं कर रहे हैं बल्कि यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि तुम्हें अब माफी मांगनी होगी सोनालिका यह सब सुनकर जाती है और अनुराग के पिता के कहने पर प्रेरणा से वह माफी मांग लेती है लेकिन वह गुस्से में आ जाती है और वहां से चली जाती है मोहिनी और निवेदिता भी यह सब देखकर गुस्से में चली जाती है।

सोनालिका गुस्से में अपने को फेंक देती और वहां पर गुस्से में खड़ी रहती है और सोचने लगती है कि आखिर यह सब वह कैसे गया इतनी देर वहां पर अनुराग आ जाता है और सोनाली का कोई साला तुम्हें देख लेता है जैसे ही वह सोनालिका को आवाज देता है सोनालिका शांत हो जाती है और अनुराग वहां पर उस पर गिरे हुए देता है उस पर से उसके और प्रेरणा के फोटोग्राफ बाहर आ जाते हैं अनुराग उन फोटो को उठा रहा होता है तभी वहां पर सोनालिका आती है अनुराग से फोटो को छुपाने के लिए उससे बात करने लगती है उससे माफी मांगती है कि जो भी मैंने गलती की है उसके लिए मैं माफी मांगती हूं तुम प्लीज मुझे माफ कर देना मुझे ऐसे ही प्रेरणा पर एग्जाम नहीं लगाना चाहिए था आज के बाद मैं कोई भी ऐसी गलती नहीं करूंगी अनुराग कैसा है कि तुम जानती हो ना प्रेरणा और उसके बच्चे को लेकर मैं कितना प्रोटेक्टेड हूं।

सोनालिका एक-एक करके अनुराग के हाथों से वह फोटो ले लेती है तभी अनुराग के पिता नीचे से अनुराग को आवाज लगा देते हैं सोनालिका अनुराग से कहती है कि मैं इन फोटो को कलेक्ट कर लूंगी अनुराग सोनालिका से पूछता है कि आखिर के फोटो किस चीज के हैं सोनालिका कैसी है कि यह उसी दिन की फोटो है जिस दिन हमारे घर में तुलसी की पूजा हुई थी अनुराग इतना सुनकर वहां से चला जाता है सोनालिका गुस्से में होती है और वह गुस्से में रॉनित के घर चली जाती है रॉनित के घर जाते ही सोनाली कर बुलाती है और उसे सब कुछ बता देती है रॉनित गन को निकालता है और सोनालिका से कहता है कि अब मैं उन बातों को नहीं छोडूंगा सोनालिका रोने से कहती है कि तुम्हें क्या लगता है कि बंदूक चलाना आसान बात है मैं तो सिर्फ प्रेरणा को ही खत्म कर देना चाहती हूं उसे तड़पता हुआ देखना चाहती हूं जितनी आंसू मेरी आंखों में रहे हैं उससे कहीं ज्यादा उसकी आंखों में बहने चाहिए अनुराग उसके बच्चे की कुछ ज्यादा ही फिक्र करता है क्योंकि वह जानती हो कि प्रेरणा के पेट में जो बच्चा है वह अनुराग का ही है और एक न एक दिन अनुराग को अपने बच्चे के बारे में पता लगी जाएगा इसलिए मैं प्रेरणा के बच्चे को ही खत्म कर दूंगी रॉनित कहता है कि यह काम में ही करूंगा।

मोहिनी अनुराग से माफी मांगने के लिए जैसे ही सुबह होते ही अनुराग के लिए नाश्ता बनाती है और रसगुल्ले बना देती है तभी वहां पर अनुराग आ जाता है मोहिनी अनुराग से कहती है कि मैंने तुम्हारे लिए रसगुल्ले बनाए हैं तुम मैं तुम्हें खिला देती हूं अनुराग अपनी मां से कहता है कि मैं जानता हूं आप यह सब क्यों कर रही हैं मैं आपसे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं तभी मोहिनी को इतनी देर में कोई आवाज दे देता है मोनी वहां से चली जाती है अनुराग प्रेरणा से बात कर रहा होता है और उसे आज काम पर आने के लिए मना कर देता है प्रेरणा कहती है कि नहीं मैं काम पर आना चाहती हूं मैं घर में बैठ कर बोर हो जाती हूं अनुराग कैसा है कि नहीं तुम मेरी बात सुनो गी और आज तुम घर पर ही आराम करोगी सोनालिका कहती है कि अगर आज प्रेम ना करते ही नहीं निकलेगी तो रॉनित जो प्रेरणा का इंतजार कर रहा है उसका प्लेन कामयाब कैसे होगा प्रेरणा को तो वहां पर आना ही होगा अनुराग जैसे ही फोन को काटता है तभी ऑफिस से फोन आ जाता है एक फाइल को लेने के लिए अनुराग कैसा है कि शायद वह फालतू फाइल तो स्टडी रूम में ही रखी है अनुराग इतना कहकर वहां से चला जाता है सोनालिका अपने भाई को फोन करती हो और प्लेन को मना कर देती है रॉनित कहता है कि आप ही दी एक बार सोच लीजिए आज का दिन बहुत ही ज्यादा अच्छा है आप एक बार कोशिश तो कीजिए सोनालिका कहती है कि ठीक है मैं कोशिश करती हूं प्रेरणा को वहां पर लाने की।

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