Divya Drishti – 2 November 2019 – Written Update In Hindi

दिव्य दृष्टि के आज के एपिसोड में आप सब देखेंगे कि कैसे दिव्या जैसे ही अपने कमरे से बाहर की तरफ आती है तभी वह देखती है कि कोई घर में घूम रहा है इसके बाद दिव्य उसका पीछा करती हो और रसोई में आ जाती है और रसोई में कोई और नहीं मुरारी होता है इसके बाद दिव्या उसे देख कर चौक जाती है और उससे पूछती है कि तुम इतनी रात गए रसोई में क्या कर रहे हो मुरारी बताता है कि मुझे बागवानी करनी है।

Advertisement

दिव्या यह बस उनका चौक जाती है और मुरारी से कहती है कि तुम बागवानी चाकू से करोगे मुरारी कहता है कि नहीं मुझे यहां पर कुछ भी नहीं मिला इसके बाद दिव्य कहती है कि तुम रुको मैं तुम्हारे लिए लेकर आती हूं तभी दिव्या वहां से चली जाती है और उसके लिए टूल का बॉक्स उठाकर ले आती है और उसमें से कुछ औजार मुरारी को चूस करने के लिए दे देती है तभी मुरारी कहता है कि यह सारा बॉक्स में रख लेता हूं दिव्य जाती है और उससे कहती है कि तुम इन सब का क्या करोगे मुरारी कहता है कि मुझे अपना सामान इस्तेमाल करने के बाद सही जगह पर रखने की एक आदत है इसलिए मैं इसमें से सामान को इस्तेमाल करके इसी में रख कर आपको दे दूंगा।

Advertisement

पिशाचिनी जब अपने कमरे में होती है तभी वहां पर पाताली आ जाती है और वहां पर अपने जादू से काफी सारे कपड़ों को लेकर आती है और उनमें से कपड़े सेलेक्ट करने लगती है पिशाचिनी को बहुत ही अलग गुस्सा आता है और वह पाताली से कहती है कि तुम यह क्या कर रही हो तुम्हें जो काम करने के लिए कहा गया है तुम उस पर तो ध्यान नहीं दे रही हो पाताली कहती है कि मुझे अपनी मुझे अपने मुरारी के लिए तैयार होना है पिशाचिनी कहती है कि मैं यहां यह सोच कर परेशान हूं कि आखिर जो नया मेंबर घर में आया है कि वह आखिर है कौन।

पाताली कहती है कि मैंने सब कुछ पता लगा लिया है इस घर में कोई बचपन में खो गया था तो वह वापस आ गया है तभी पिशाचिनी कहती है कि बचपन में तू शेखर गायब हुआ था वह वापस कैसे आ सकता है पाताली कहती है कि मैंने घरवालों की बात सुनी थी वह यही बात कर रही थी पिशाचिनी कहती है कि बचपन में शेखर को तो मैंने ही ठिकाने लगाया था और उसकी ऐसी हालत की थी यह तो बस मैं ही जानती हूं फिर से शेखर वापस कैसे आ सकता है कुछ तो गड़बड़ है पाताली कहती है कि मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता चाहे वह असली हो या नकली।

Advertisement

Also Read – Divya Drishti – 27 October 2019 – Written Update In Hindi

मुरारी जब दिव्या से बात कर रहा होता है दिव्या गलती से ऐश को अपनी सास बता देती है मुरारी यह बात सुनकर हैरान रह जाता है तभी दिव्य बात को काटकर वहां से चली जाती है रक्षकों ने दोनों को एक साथ देख लेता है दृष्टि भी जब दिव्या को ढूंढ रही होती है तभी उसे पाताली नजर आ जाती है जो पूरी तरह से तैयार होकर खुश होकर नीचे आ रही होती है दृष्टि कहती है कि यह इतनी रात गए यह क्या कर रही है।

मुरारी जैसा ही है वहां पर आता है पाताली की नजर उस पर पड़ जाती है और उसे वह रोक लेती है दृष्टि यह सब चुप कर देख रही होती है पाताली मुरारी के पास जाने की कोशिश करती है तभी वहां पर दृष्टि आ जाती है और पाताली को वहां से भगा देती है और मुरारी से कहती है कि तुम इस लड़की से दूर रहना दृष्टि जैसे अपने कमरे की तरफ जाती है तभी वहां पर उसे रक्षत मिल जाता है दृष्टि से कहती है कि दिव्या मुझे कहीं नहीं मिली तभी शेखर कहता है कि दिव्या अपनी जगह पर ही सो रही है।

दृष्टि पूछती है कि यहां पर क्या कर रही है यह कब लौट कर आई हो ठीक कहां रक्षत बताता है कि यह शेखर के साथ थी और मैंने इन दोनों को हंसते हुए देखा था दृष्टि कहती है कि तुम मेरी बहन को कहीं और फिट करने की सोच रहे हो मैं ऐसा होने नहीं दूंगी तभी उन दोनों के बीच में झगड़ा हो जाता है दृष्टि अपने कमरे में चली जाती हो रक्षत वहां से चला जाता है सुबह होते ही मुरारी देवरी में जाता है और कहता है कि मुझे एक ऐसी दीवार ढूंढनी होगी जिसमें मैं सुरंग बना सकूं शेखर को को दीवार मिल जाती है तभी से करो जो दीवार में आ तोड़ा मारना शुरू कर देता है।

मुरारी कहता है कि यहां पर जितनी भी आवाज होगी वह किसी को सुनाई नहीं देगी क्योंकि यह कमरा बिल्कुल कोने में है और वैसे भी मुझे इसमें थोड़ा सा ही कटा करना है बाकी काम तो मेरा जिस जादू ही हथियार काम कर देगा और जैसे ही मैं इस गड्ढे में से छोडूंगा तुझे सुरंग बनाने लगेगा तभी से करो सब यार को उस पर छोड़ देता है और वह सुरंग बनाने लगता है इतनी देर में पाताली मुरारी को जब ढूंढ रही होती है मुरारी पाताली की आवाज सुन लेता है और कहता है कि शायद आप और कोई आ रहा है मुझे यहां से निकलना होगा मुरारी वहां से अपने हथियार को लेकर बाहर निकल जाता है तभी पाताली उसे देख लेती है और उससे कहती है कि तुम बहुत ही सुंदर लग रहे हो तुम्हारी बॉडी भी बहुत अच्छी है।

मुरारी उसे अपनी बातों में उस जाकर वहां से निकल जाता है तभी वहां पर सिमरन आ जाती है सीकर से कहती है कि शेखर भैया खाने के लिए चलना है आप भी चलिए सीकर कहता है कि मैं अभी तैयार होकर आता हूं इसके बाद सारे घर वाले नाश्ते की टेबल पर बैठे होते हैं तभी सब कहते हैं कि हमें शेखर को लेकर कहीं बाहर घूमने जाना चाहिए तभी उनका प्लेन मंदिर जाने का बनता है ऐश कहती है कि मैं मंदिर होकर आ गई हूं कहीं और चलने का प्लान करते हैं।

मुरारी इतने में वहां पर आ जाता है और सारे घर वालों से कहता है कि क्या चल रहा है तभी सारे घर वाले कहते हैं कि अब तुम ही बताओ कि आखिर तुम्हारी खुशी के लिए क्या किया जाए मुरारी कहता है कि मेरे वहां पर नाटक होता था तो हम ऐसा करते हैं कि हम भी नाटक करते हैं तभी सब रोमियो जूलियट का नाटक करने के लिए कहते हैं और उसके ऑडिशन की तैयारी करना शुरू कर देते हैं मुरारी कहता है कि यह सब नाटक की तैयारी करेंगे और इसी बीच में मैं अपना काम कर लूंगा।

पाताली उन सब की बात सुन लेती है और अपडेट कमरे में जाकर मुरारी के लिए तैयार होना शुरु कर देती है तभी वहां पर पिशाचिनी आ जाती है और पाताली से कहती है कि तू यहां पर अपना में मेकअप कर रही है तुझे जो काम करने के लिए बोला गया है वह तो तू कर नहीं रही तभी पाताली कहती है कि इस घर में प्रोग्राम होने वाला है रोमियो और जूलियट का जिसमें मैं जूलियट बनूंगी मुरारी की पिशाचिनी यह बात सुनकर हैरान रह जाती है और कहती है कि कुछ तो गड़बड़ है तुझे एक काम करना है उस मुरारी पर नजर रखनी होगी।

पाताली यह बात सुनकर हैरान रह जाती है पिशाचिनी जैसे ही पाताली के बालों को देखती है और उससे कहती है कि तुझे अपनी यह बाल ठीक करने होंगे मैं तेरी चोटी बना देती हूं पाताली मना करती है लेकिन पिशाचिनी उसकी एक भी नहीं सुनती और उसकी दो चोटी बना देती है और से कहती है कि जाओ और उस पर नजर रख और उसे वहां से भेज देती है मुरारी जैसे उस टूलकिट को सुरंग बनाने के लिए लेकर जा रहा होता है तभी रास्ते में रक्षत मिल जाता है और उससे कहता है कि तुम इसे कहां लेकर जा रहे हो तभी वह कहता है कि मैं मैं बागवानी करने के लिए जा रहा हूं।

दिव्य दृष्टि इतने में वहां पर पहुंच जाती हैं तभी रक्षत मुरारी से कहता है कि तुम एक काम करो तुम दिव्या को अपने साथ ले जाओ वह तुम्हारी मदद कर देगी तभी दिव्या मदद करने से मना कर देती है और वहां से चली जाती है मुरारी कहता है कि कोई बात नहीं भैया मैं पाताली को मदद के लिए बुला लेता हूं मुरारी इतना कहकर वहां से चला जाता है इतने में दृष्टि रक्षत से नाराज हो जाती है और उसे सुनाने लगती है कि मैं अच्छी तरीके से जानती हूं कि तुम क्या करना चाहते हो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं होने दूंगी।

तभी दोनों लड़ते हुए बाहर आ जाते हैं और जहां पर ऑडिशन चल रहा होता है तभी सारे घर वाले कहते हैं कि अब तुम दोनों की बारी है ऑडिशन देने की और तुम दोनों रोमियो जूलियट लड़ाई की एक्टिंग करोगे तभी दोनों स्क्रिप्ट लेते हैं और उसे पढ़कर दोनों झगड़ा करना शुरू कर देते हैं तभी सारे घर वाले उन दोनों को पास आते हुए देखते हैं तभी उन दोनों को रोक देते हैं और कहते हैं कि बहुत ही अच्छा मुरारी जब बाहर सुरंग खोद रहा होता है तभी इतनी देर में वहां पर पाताली पहुंच जाती है।

पाताली मुरारी से कहती है कि तुमने मुझे बुलाया था मुरारी अपने मन में कहता है कि मैंने तू भैया से ऐसे ही बोल दिया था अब मैं अपना काम कैसे करूंगा तभी मुरारी टूल किट से उस गड्ढे को ढक देता है और दूसरा गड्ढा शुरू कर देता है और पाताली से पूछता है कि इस फूलों के बीज को डालने के लिए कितना गड्ढा खोदना चाहिए इतनी देर वहां पर दिव्या आ जाती है और मुरारी से कहती है कि वैसे तुम्हें पेड़ पौधों का इतना शौक है और तुम भी नहीं जानते कि बीजों को लगाने के लिए कितना गड्ढा करना चाहिए।

मुरारी कहता है कि मैंने हमेशा सब्जियों के पौधे के बीज लगाए हैं फूलों के नहीं लगाई इसलिए मैं पूछ रहा था पाताली उससे कहती है कि तुम यहां पर क्या कर रही हो और उस पर हमला करना शुरू कर देती है दिव्या भी अपने हाथ में रोशनी लाती है और उस पर हमला करना शुरू कर देती है तभी वहां पर पिशाचिनी जाती है और पाताली को वहां से गुस्से में ले जाती है दिव्या मुरारी से कहती है कि तुम्हें जितने टूल की जरूरत थी मैंने यहां पर छोड़ कर जा रही हूं और इस किट को यहां से लेकर जा रही हूं तभी दिव्या उस टूलकिट को उठाती है और वहां से ली जाती है ।

मुरारी देखता है कि उसके संग साफ साफ दिखाई दे रही है तभी वह डर जाता है और कहता है कि मैं अब आगे का काम कैसे करूंगा क्योंकि उस टूलकिट में ही मेरा जादू हथियार था जो सुरंग बनाने में मेरी मदद करता मुझे उस टूलकिट में से हथियार को लेना ही होगा दृष्टि और रक्षत जब अपने कमरे में होते हैं तभी वहां पर दृष्टि रक्षत को बनाने की कोशिश करती है तभी वहां पर मुरारी आ जाता है और उन दोनों को देख लेता है रक्षत उससे पूछता है कि क्या तुम्हें कुछ काम था मुरारी कहता है कि नहीं भैया मुझे कुछ काम नहीं था मैं तो ऐसे ही आया था।

मुरारी अपने मन में कहता है कि मैं तो यहां पर दिव्या के बारे में पूछने के लिए आया था लेकिन यहां पर दृष्टि को देखकर मैं यह पूछ नहीं पाया मुझे खुद ही को दिव्या को ढूंढना होगा दिव्या मुरारी के सामने आ जाती है मुरारी उससे टूल किट के बारे में पूछता है दिव्या उससे कहती है कि तुम उसका क्या करोगे और वैसे भी ऑडिशन चल रहे हैं हमें नीचे चलना चाहिए इतना कहां से चली जाती है मुरारी वहां पर पहुंच जाता है जब ऑडिशन चल रहे होते हैं पाताली वहां पर आ जाती है ऑडिशन देने लगती है।

सारे घर वाले पाताली से मना करते हैं दृष्टि इतने में वहां पर आ जाती है पाताली का साइड लेती है और कहती है कि पाताली ऑडिशन जरूर देगी और उसका रोमियो कोई और नहीं बल्कि मुरारी ही बनेगा रक्षत यह बात सुनकर हैरान रह जाता है और कहता है कि नहीं दिव्य मुरारी की जूलियट बनेगी दिव्या दृष्टि अपने संग ले जाती है रक्षत नाम पर आ जाता है और कहता है कि यह मेरी सानिया और मेरी बात मानेगी दृष्टि दिव्य से कहती है कि नहीं यह मेरी बात मानेगी क्योंकि यह मेरी बहन है इतने में ऑडिशन शुरू हो जाते हैं एक-एक करके सारे घर वाले ऑडिशन देना शुरू हो जाते हैं और उनमें से फाइनल जो होता है वह मुरारी और दिव्या होते हैं।

Advertisement